Thursday, June 17, 2010

'टन्न' और "चियर्स"!

एक साथ,
कई हाथ
ऊपर उठकर,
और फिर
हवा में छलकते पैमाने,
मदयम-मदयम,
'टन्न' की स्वर लहरी,
चेहरे पे
मंद-मंद बिखरती वह
सारे दुःख-दर्द,
ग़मों पर
मानो
कोई विजयी मुस्कराहट,
और मटकती आँखों का
वो नशीला अंदाज !
मुद्दत से,
सोचता हूँ
पता नहीं क्यों,
क्या खता हुई कि
कानो ने नहीं सुनी
"चियर्स" की आवाज !!

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