Friday, January 21, 2011

नीलामी !

काश कि

अगर मैं भी,

अपने ही कुनवे में

हर खिलाड़ी की तरह,

खिलाड़ी न आम होता !

इस देश के

क्रिकेटरों की तरह,

आज कौमियत की

किसी आईपीएल मंडी में,

मैं भी नीलाम होता !!

बोलियाँ लगती बड़ी-बड़ी,

इंसानियत तकती खडी-खडी,

धन-कुबेर दर खट-खटाता !

खुश होता गर,

मै भी

अच्छे भाव बिक जाता !!

आज, चूँकि जब

इंसान का हर ऊसूल,

घन-कुबेर पर ही

टिका हुआ है !

इसीलिये तो,

समूचे कुनवे का

मुखिया भी बिका* हुआ है !!







* एक इटालियन के हाथों

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