Friday, December 4, 2009

To err is human to forgive is devine

एक बार फिर से अंग्रेजी की चार लाईने और ठेल रहा हूँ ब्लॉग पर ;
Yes, I have commited a sin,
If you think love is a crime.
I brought down the sky for you,
like a drink with a twist of lime.
Of course, It’s nobody’s fault but mine.
Now , all I can say is that
To err is human to forgive is devine.
You can just pray to a god,
please forgive him, Oh lord !
as he doesn’t know what he is doing.
What is the theme of love and wooing.
Frankly My dear, I don't give a damn,
For me, every day is a day of valentine,
That’s why I say,
To err is human to forgive is devine.


और चलते-चलते यह भी गुनगुनाइएगा ;
हम बेवफ़ा तो पैदाइशी थे….!
हम बेवफ़ा पैदाइशी थे,
पर तुमसे वफ़ा करते रहे !
जानू, तुमने कोई धोखा तो नही दिया?
अरे नही जानम, तुम्हें कोई धोखा हुआ ।
कितनी अकेली रही होगी वो गोद जिसकी,
छत्र-छाया मे अब तक हम अकेले पलते रहे।
पैदा होते ही अपनी सगी मां से बेवफ़ाई की,
और सौतेली मां संग कंटीली राहों पे चलते रहे ॥
तुमने किया हमसे जो सिकवा
हम वो गिला करते रहे !
हम बेवफ़ा तो पैदाइशी थे,
पर तुमसे वफ़ा करते रहे !

11 comments:

ललित शर्मा said...

Nice, good

'अदा' said...

Who the hell will dare to say
love is a crime, specially if it's yours ???
Its nice to see Christ has impressed upon you...
and last but not least,
keep on smiling
and celebrate
Valentine every morning !!:):)

Jhakaas hai ji...

'अदा' said...

Who the hell will dare to say
love is a crime, specially if it's yours ???
Its nice to see Christ has impressed upon you...
and last but not least,
keep on smiling
and celebrate
Valentine every morning !!:):)

Jhakaas hai ji...

संगीता पुरी said...

बहुत अच्‍छी रचना है दोनो !!

महफूज़ अली said...

वाह! बहुत अच्छी लगी दोनों......

cmpershad said...

Yes, I have commited a sin,
by not rubbing the love Jin
Lo, I remained thirsty
And love became a mistery

डॉ टी एस दराल said...

गुड और अच्छी । दोनों।

Udan Tashtari said...

पहले वाली को वेरी गुड और दूसरी वाली को बहुत अच्छा कहने का मन कर रहा है.

आजकल रेपिडेक्स ईंग्लिश तो नहीं खरीद लाये महारज कहीं से...एक ठो हमें भी तो भेजो तो समझें. :)

मनोज कुमार said...

अच्छी रचना। बधाई।

विनोद कुमार पांडेय said...

आपकी हिन्दी और अँग्रेज़ी दोनो भाषाओं में बहुत ही अच्छी पकड़ है जिससे रचना बहुत ही भावपूर्ण बन जाती है चाहे जिस भी भाषा का प्रयोग करें..जैसा यहाँ प्रस्तुत है ..अच्छा लगा धन्यवाद गोदियाल जी

अम्बरीश अम्बुज said...

pyaar karna zurm hai to zurm hamse ho gaya..