Thursday, January 7, 2010

बिल्डिंग रिलेशनशिप्स !

आज सुबह, जब घर से बाहर आया था,
तो देखा, चहु ओर घना कुहरा छाया था !
ऐसे में मैंने देखा कि गली में सामने से
पड़ोसी मिश्रा जी इधर से उधर आ रहे थे,
अपनी बिल्डिंग को पड़ोसन की बिल्डिंग से
एक लाल धागे से बार-बार बांधे जा रहे थे !
कौतुहलबश मैंने भी हिला दिए अपने लिप्स !
जबाब में वे बोले, उनके राशिफल में लिखा है;
दिस इज अ गुड डे फॉर "बिल्डिंग रिलेशनशिप्स" !!.

21 comments:

ललित शर्मा said...

गुड रिलेशनशिप

हा हा हा
एक लाल धागे से भविष्य फ़लित हो गया

Arvind Mishra said...

ha ha ha

अजय कुमार said...

मजेदार

pallavi trivedi said...

:)

ताऊ रामपुरिया said...

ओहोहो...कमाल का तरीका निकाला रिलेशन शिप बिल्ड करने का.:) बहुत जोरदार.

रामराम.

Mithilesh dubey said...

भईया बनारस तो नहीं पहुच गयें थे आप ।

महेन्द्र मिश्र said...

गोदियाल जी मै ही तो था जो प्रीत की डोरी बांध रहा था .... उस समय कुहरा था ... हा हा . बेहतरीन रचना प्रस्तुति के लिए आभार.

Murari Pareek said...

ha ha ....achchaa hai building love badhegaa girengi to sath sath

मनोज कुमार said...

वाह-वाह। वाह-वाह। हंसी थम ही नहीं रही है।

cmpershad said...

ई तो बिना फ़ौंडेसन के है जी :)

डॉ टी एस दराल said...

हा हा हा ! मजेदार !
आज से हम भी दूसरों के राशिफल देखने लगते हैं।
वैसे अपना तो कभी देखा नहीं।

निर्मला कपिला said...

हा हा हा शुभकामनायें

Kulwant Happy said...

गुरू मान गए। क्या बात निकालकर लाएं हैं। इसको कहते हैं कुछ नया कर गुजर जाना।

राज भाटिय़ा said...

बिल्डिंग रिलेशनशिप्स बहुत खुब. मजेदार जी

महफूज़ अली said...

बहुत मजेदार.....

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

राखी के धागों से बढ़िया रेलेशलशिप बनाया है!

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari said...

लाल धागा ... येन बद्धो बलीराजा दानेन्द्रो महाबला ........

Udan Tashtari said...

हा हा! मजेदार रिलेशनशिप

हास्यफुहार said...

वाहृ-वाह
बढ़िया है अनोखा है
बहुत ही नायाब
संबंध बांघने का तरीका है...

Tripat "Prerna" said...

bahut badiya...khushi hui padh kar :)

वन्दना said...

hahaha........bahut mazedar.