Sunday, June 5, 2011

खुदा लगता है नजर से भी गया,और कान से !

उदर भरता नहीं इनका, मौद्रिक रसपान से,
हैवान बन गए हैं नेता, नौकरशाह, इंसान से  !
शरीक होकर भी अपने, अंतिम संस्कार में,
लौट आते है ये कमवख्त, फिर शमशान से !!
 दिमाग के खाली है, चाल-चरित्र से ढीले है,
खेलते है हर खेल अपना, कुटिल जुबान से !
अपहृत कर लिया प्रजातंत्र, इन बटमारों ने,
बेवश सा देख रहा रखवाला,खडी मचान से !!
 सत्र चलता है बेशर्मों का, अब रोज तिहाड़ से,
भूखा गरीब  पोषता  इन्हें, कर और लगान से !
 वो जाए कहाँ, जिसको प्यार है देश से 'परचेत',
खुदा लगता है नजर से भी गया,और कान से !!

4 comments:

Sachin Malhotra said...

nice ..
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Sachin Malhotra said...

मेरी नयी पोस्ट पर आपका स्वागत है : Blind Devotion - सम्पूर्ण प्रेम...(Complete Love)

amrendra "amar" said...

waah gambhir aur shandar prastuti ke liye badhai

Sawai Singh Rajpurohit said...

आपको एवं आपके परिवार "सुगना फाऊंडेशन मेघलासिया"की तरफ से भारत के सबसे बड़े गौरक्षक भगवान श्री कृष्ण के जनमाष्टमी के पावन अवसर पर बहुत बहुत बधाई स्वीकार करें लेकिन इसके साथ ही आज प्रण करें कि गौ माता की रक्षा करेएंगे और गौ माता की ह्त्या का विरोध करेएंगे!

मेरा उदेसीय सिर्फ इतना है की

गौ माता की ह्त्या बंद हो और कुछ नहीं !

आपके सहयोग एवं स्नेह का सदैव आभरी हूँ

आपका सवाई सिंह राजपुरोहित

सबकी मनोकामना पूर्ण हो .. जन्माष्टमी की आपको भी बहुत बहुत शुभकामनायें